प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के मौके पर आयोजित लोकमाता महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन को संबोधित किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण, आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर, और भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में देवी अहिल्याबाई के योगदान पर विस्तार से चर्चा की।
'गोली का जवाब गोले से'
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा किआतंकियों ने बेटियों के सिंदूर को मिटाने की कोशिश की थी, लेकिन अब यही सिंदूर भारत के शौर्य का प्रतीक बन गया है। उन्होंने बताया कि सेना ने सैकड़ों किलोमीटर भीतर घुसकर आतंकियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया, जो पाकिस्तानी सेना के लिए भी अकल्पनीय था।
प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत के इतिहास का सबसे सफल अभियान बताते हुए कहा: यह संदेश है कि अब भारत केवल रक्षात्मक नहीं रहेगा और आतंकियों की मदद करने वालों को भी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। पीएम ने कहा अब भारत आतंकवादियों के घर में घुसकर वार करता है।
पीएम ने कहा कि अब भारत का एक-एक नागरिक कह रहा है कि अगर तुम गोली चलाओगे तो मान कर चलो गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा।
देवी अहिल्याबाई: श्रद्धा, सेवा और शासन का आदर्श
पीएम मोदी ने देवी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती कार्यक्रम मेंमहिलाओं के लिए किए गए सरकारी कामों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चाहें उनके बैंक खाते हों या उसको सशक्त बनाने की योजनाएं. सरकार ने इस दिशा में अहमकदम उठाए। पीएम मोदी ने भोपाल से पूरे देश को ड्रोन दीदी अभियान के बारे में भी बताया। सिंदूर का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि रामभक्ति में रंगे हनुमान जी भी सिंदूर को ही सिंदूर को ही धारण किए हुए हैं। यही सिंदूर अब भारत के शौर्य का प्रतीक बना है। पहलगाम में आतंकियों ने सिर्फ भारतीयों का खून ही नहीं बहाया बल्कि हमारी संस्कृति पर भी प्रहार किया और समाज को बांटने की कोशिश की।
प्रधानमंत्री ने बताया कि अहिल्याबाई होल्कर ने शासन का ऐसा मॉडल अपनाया जिसमें गरीबों, वंचितों और आदिवासियों को प्राथमिकता दी गई। साथ ही कुटीर उद्योग, हस्तकला और कृषि को प्रोत्साहन मिला। देवी अहिल्याबाई ने घुमंतू और आदिवासी समुदायों को खेती योग्य भूमि दी। उन्होंने महिला कारीगरों और पारंपरिक शिल्पकारों को हुनर के अनुसार नए अवसर दिए। प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्हें उनके मार्गदर्शन में देश की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
माहेश्वरी साड़ी: एक सांस्कृतिक पहचान
देवी अहिल्या ने विश्व प्रसिद्ध माहेश्वरी साड़ी के लिए नए उद्योग लगाए. बहुत कम लोगों को पता होगा कि देवी अहिल्या हुनर की पारखी थीं। वह गुजरात के जूनागढ़ से कुछ परिवारों को माहेश्वर लाईं और उनको साथ जोड़कर माहेश्वर साड़ी का काम आगे बढ़ाया, जो आज भी अनेकों परिवारों का गहना बन गया है।
पीएम मोदी ने महिला हित में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार ने जन धन योजना के तहत करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खोले गए। ड्रोन दीदी योजना के माध्यम से गांवों की महिलाएं तकनीकी रूप से सशक्त हो रही हैं। साथ ही उज्ज्वला योजना, स्वनिधि योजना जैसी पहलें महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं।