Madhya Pradesh IAS officer Avi Prasad : प्रशासनिक सफलता के बीच निजी जिंदगी की चर्चाएँ

Madhya Pradesh IAS officer Avi Prasad : प्रशासनिक सफलता के बीच निजी जिंदगी की चर्चाएँ

मध्य प्रदेश के वरिष्ठ IAS अधिकारी अवि प्रसाद एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। 2014 बैच के इस अधिकारी ने हाल ही में तीसरी शादी की है, और इस बार भी उनकी जीवनसंगीनी IAS अधिकारी हैं, जो डिप्टी सेक्रेटरी रैंक पर कार्यरत हैं। अवि प्रसाद की निजी जिंदगी हमेशा से मीडिया और सामाजिक चर्चा का विषय रही है, क्योंकि उनकी पहली दो शादियाँ भी IAS अधिकारियों से हुई थीं, लेकिन वे तलाक पर समाप्त हो गई थीं। इस तरह उनकी निजी जिंदगी में आने वाले बदलाव लगातार लोगों का ध्यान खींचते रहे हैं।

अवि प्रसाद ने पहली शादी 2014 बैच की IAS अधिकारी रिजु बाफना से की थी। यह रिश्ता अधिक समय तक नहीं टिक पाया। वर्तमान में रिजु बाफना शाजापुर जिले की कलेक्टर हैं और उनके प्रशासनिक योगदान के लिए पहचानी जाती हैं। इसके बाद अवि प्रसाद ने 2016 बैच की IAS अधिकारी मिशा सिंह से दूसरी शादी की। मिशा सिंह ने शादी के बाद अपने कैडर को मध्य प्रदेश में ट्रांसफर कर लिया था, ताकि वे पति के साथ राज्य में रह सकें। हालांकि, यह रिश्ता करीब चार साल बाद समाप्त हो गया। मिशा सिंह वर्तमान में रतलाम जिले की कलेक्टर हैं और सक्रिय प्रशासनिक भूमिका निभा रही हैं।

जहां तक अवि प्रसाद के पेशेवर जीवन की बात है, वे वर्तमान में मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद (मनरेगा) के CEO हैं। इसके साथ ही उन्हें प्रधानमंत्री कृषक समाधान योजना (PMKSY 2.0) और प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण जैसी योजनाओं की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। उनके प्रशासनिक अनुभव में कई जिलों में कलेक्टर और जिला पंचायत CEO के पद शामिल हैं, जिससे उनका प्रशासनिक करियर मजबूत और प्रभावशाली माना जाता है। इसके अलावा उनकी पढ़ाई भी उनके कैरियर में मददगार रही है। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से LLB किया और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर से MBA पूरी की। UPSC परीक्षा के पहले उनका चयन भारतीय रिज़र्व बैंक में मैनेजर के पद पर हुआ था।

अवि प्रसाद का प्रशासनिक सफर भी उल्लेखनीय है। वे 2013 में IPS बने और 2014 में 12वीं रैंक के साथ IAS में शामिल हुए। उनके दादा, टम्बेश्वर प्रसाद, चौधरी चरण सिंह सरकार में मंत्री रह चुके हैं, जिससे प्रशासन और राजनीति से उनका पारिवारिक संबंध भी जुड़ा है। कुल मिलाकर, अवि प्रसाद का प्रशासनिक करियर बेहद प्रभावशाली रहा है और उन्होंने विभिन्न सामाजिक, विकासात्मक और प्रशासनिक परियोजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

हालांकि, उनकी तीन शादियाँ उन्हें बार-बार मीडिया और चर्चा में ले आती हैं। पहली दो शादीयों का तलाक और तीसरी शादी, जो इस बार भी IAS अधिकारी से हुई है, उनके निजी जीवन को लोगों की नजरों में बनाये रखती हैं। यही कारण है कि अवि प्रसाद का नाम सिर्फ उनके प्रशासनिक कामों के लिए नहीं, बल्कि निजी जीवन की घटनाओं के कारण भी सुर्खियों में बना रहता है। उनके करियर और निजी जीवन का यह मिश्रण उन्हें राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में लगातार चर्चा में बनाए रखता है।