हर देवी-देवता का है खास प्रसाद, इन नियमों के पालन का रखें विशेष ध्यान

हर देवी-देवता का है खास प्रसाद, इन नियमों के पालन का रखें विशेष ध्यान

प्रत्येक देवी-देवता की पूजा की विधि अलग होती है। इसीलिए उनकी पूजा में अलग-अलग चीजें यानी की अलग-अलग प्रकार का प्रसाद उन्हें अर्पित किया जाता है। प्रसाद भगवान के प्रति एक भाव है, सनातन धर्म में देवी-देवताओं की पूजा के बाद भोग लगाने का विधान सदियों पुराना है। कई बार हमें यह पता नहीं होता है किस भगवान को कौन सा भोग चढ़ाना चाहिए। हर देवता को कोई विशेष प्रसाद पंसद होता है। इसमें अक्‍सर लोग अनजाने में भूल कर जाते हैं और पूजा का संपूर्ण फल प्राप्‍त करने से वंचित रह जाते हैं। आइए जानते हैं कि किस देवी-देवता को किस चीज का भोग लगाकर कर सकते हैं उन्हें प्रसन्न और बन सकते हैं उनकी कृपा के पात्र... 

 श्री विष्णु भोग 

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विष्णुजी को खीर या सूजी के हलवे का नैवेद्य बहुत पसंद है। खीर में सूखे मेवे किशमिश, बारीक कतरे हुए बादाम, बहुत थोड़ी-सी नारियल की कतरन, काजू, पिस्ता, चारौली, थोड़े से पिसे हुए मखाने, सुगंध के लिए एक इलायची, कुछ केसर जरूर डालें। विष्‍णुजी के भोग में तुलसी का प्रयोग जरूर करें। तुलसी के बिना उनकी पूजा अधूरी मानी गई है। इसलिए विष्णु जी को तुलसी अवश्य अर्पित करें। इससे मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है और किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहती है।

 श्री शिव भोग 

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शिव को भांग और पंचामृत का नैवेद्य पसंद है। भोले को दूध, दही, शहद, शकर, घी, जलधारा से स्नान कराकर भांग-धतूरा, गंध, चंदन, फूल, रोली, वस्त्र अर्पित किए जाते हैं। इसके अलावा उन्‍हें रेवड़ी, चिरौंजी और मिश्री भी चढ़ाई जाती है। इसके साथ ही आप अगर श्रावण मास में शिवजी की उपवास रखकर उनको गुड़, चना और चिरौंजी के अलावा दूध अर्पित करते है तो सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है।

 श्री हनुमान भोग 

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बजरंग बली को मंगलवार के दिन विशेष प्रकार का भोग लगाया जाता है। हनुमानजी को हलुआ, पंच मेवा, गुड़ से बने लड्डू या रोठ, डंठल वाला पान और केसर- भात बहुत पसंद हैं। इसके अलावा हनुमानजी को कुछ लोग इमरती भी अर्पित करते हैं। इसके अलावा हनुमानजी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर मंगलवार को चोला भी चढ़ाया जाता है। ऐसा करने से आपके सभी प्रकार के संकट और बाधाएं दूर होती हैं।

 श्री गणेश भोग 

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गणेशजी को मोदक या लड्डू का नैवेद्य अच्छा लगता है। गणेशजी को मोतीचूर, बूंदी, नारियल, तिल और सूजी के लड्डू भी अर्पित किए जाते हैं। 

 श्री राम भोग 

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मर्यादा पुरषोत्तम भगवान श्रीरामजी को केसर भात, खीर, धनिए का भोग आदि पसंद हैं। इसके अलावा उनको कलाकंद, बर्फी, गुलाब जामुन का भोग भी प्रिय है। 

 श्री लक्ष्मी भोग

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लक्ष्मीजी को धन की देवी माना गया है। कहते हैं कि अर्थ बिना सब व्यर्थ है। लक्ष्मीजी को प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय भोग को लक्ष्मी मंदिर में जाकर अर्पित करना चाहिए। धन की देवी लक्ष्‍मी माता को सफेद रंग से बनी वस्‍तुएं बेहद प्रिय होती हैं। इसलिए उनकी पूजा में खीर और सफेद बर्फी का नैवेद्य अर्पित किया जाता है। 

 श्री दुर्गा भोग

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दुर्गाजी को खीर, मालपुए, मीठा हलुआ, पूरणपोळी, केले, नारियल और मिष्ठान्न बहुत पसंद हैं। यदि आप माता के भक्त हैं तो बुधवार और शुक्रवार को पवित्र रहकर माताजी के मंदिर जाएं और उन्हें ये भोग अर्पित करें। माताजी के प्रसन्न होने पर वह सभी तरह के संकट को दूर कर व्यक्ति को संतान और धन सुख देती है।